The Book written by me

Jaane Kitne Rang ( in Hindi )

Tuesday, May 24, 2011

मैं सोच रहा था ..

वो बातें कर रहे थे ..
कि
वो करते हैं रास-लीला ..
उनकी तो माया ही अलग है
तो दूसरे ने कहा –
कि
मैं जो देख भी लूं ..
तो कहते हैं
कि देखो कैसा आवारा है ..
मैं बातें सुन रहा था ..
मैं सोच रहा था ..

कई सारे ख्वाब हैं मेरे अंदर ..

कई सारे ख्वाब हैं मेरे अंदर .. और कुछ शब्दों में अभिव्यक्त हैं लेकिन सीधे-सीधे नहीं .. इसलिये नहीं कि .. मुझमें साहस नहीं है अभिव्यक्त करने का .. बल्कि इसलिये कि मेरे ऐसा करने से मेरे ख्वाब आहत हो सकते हैं .. अन्दर से भी और .. शायद बाहर से भी .. । बाहर तो छोड़िये .. मैं अपने अंदर की बात की प्रस्तुति के लिये भी .. रेखा और रंग का सहारा भी तो इसलिये नहीं ले सकता कि कोई समझ न जाये क्योंकि मेरे ऐसा करने से कोई दूसरा सार्वजनिक हो सकता है .. जो मुझे भी और फिर शायद .. मेरे ख्वाबों को भी तो .. पसंद नहीं है ..

विचारों की आवारागर्दी ..

विचारों की आवारागर्दी तो देखो कि - कभी-कभी सोच तो नहीं मालूम कहां-कहां चली जाती है .. ये तो अच्छा है कि कोई ये नहीं जान पाता कि मैं क्या सोच रहा हूं .. और ये बात मुझे गजब का सुकून देती है और मैं फिर से सोचने लग जाता हूं ..

शायद .. असंभव के करीब की स्थिति ..

साक्षात्कार में .. किसी मंच पर - सिद्धांतो की बातें करना .. आध्यात्म .. दर्शन .. सहानुभूति .. मानवता .. संवेदनशीलता .. जैसे विषयों पर बढ़चढ़ कर बोलना और यथार्थ में वैसा ही होना .. शायद असंभव के करीब की स्थिति है ..

Wednesday, April 27, 2011

मैं सोच रहा था ..

विचारों का मंथन था ..
मैं सोच रहा था ..
शब्द
जहां नहीं थे ..
वहां
फिर
तूलिका ने
साथ दिया ..

Tuesday, April 26, 2011

मैं सोच रहा था ..

रेखा और रंग .. समय के आघात से टूटकर कुछ इस तरह से इकट्ठे हो गये थे कि मजबूर होकर .. मैं सोच रहा था .. कि आखिर ये क्या संप्रेषित करना चाहते हैं ..

Tuesday, March 1, 2011

6th sense .. parapsychic powers ..

6th sense .. parapsychic powers .. पिछले दिनों ..इन विषयों से जुड़ी कुछ बातें .. पढ़ने, सुनने व देखने मिलीं .. । ये वे बातें हैं जिनको सामान्य तौर पर तार्किक संदर्भों में समझना और समझाना मुश्किल है । इससे संबधित कहीं पढ़ा था .. आज ही .. फिर से .. इसलिये वो बात ताजी हो गई और सोचा कि इसे share करूं .. ब्लाग में ।